युवा उद्यमशीलता से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना : सुनील फुलारी
सूर्य दत्ता में ‘कारोबार 9.0 – सूर्यभारत जननेक्स्ट स्टार्टअप फेस्ट’ का आयोजन; विद्यार्थियों ने 40 से अधिक प्रमुख कंपनियों के कारोबारी मॉडल प्रस्तुत किए

पुणे : भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र का लक्ष्य हासिल करने के लिए नवाचार, स्टार्टअप और युवा उद्यमशीलता को बढ़ावा देना आवश्यक है। युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजन करने वाला उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। ‘कारोबार 9.0’ जैसे आयोजन विद्यार्थियों में उद्यमशीलता की सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह विचार विशेष पुलिस महानिरीक्षक सुनील फुलारी ने व्यक्त किए।
सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन के सूर्यदत्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन तथा सूर्यदत्त इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी की ओर से बावधन परिसर में ‘कारोबार 9.0 – सूर्यभारत जननेक्स्ट स्टार्टअप फेस्ट’ का आयोजन किया गया। इसमें पुणे इंटरनेशनल सेंटर के उपनिदेशक हृषीकेश धांडे, सूर्यदत्त के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय बी. चोरडिया, उपाध्यक्ष एवं सचिव सुषमा चोरडिया, अधिष्ठाता प्रो. डॉ. प्रतीक्षा वाबळे तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी अक्षित कुशल उपस्थित थे।
कार्यक्रम में पुलिस सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए सुनील फुलारी को ‘सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। उन्हें स्वर्ण पदक, स्मृति चिह्न, सूर्यदत्त स्कार्फ और पुणेरी पगड़ी प्रदान की गई।
हृषीकेश धांडे ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को वास्तविक कारोबारी दुनिया का अनुभव देते हैं। उनका कहना था कि विद्यार्थियों को केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि भविष्य में दूसरों को रोजगार देने वाला उद्यमी बनाने का प्रयास सराहनीय है।
प्रो. डॉ. संजय बी. चोरडिया ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री और किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों में नवाचार, अनुसंधान, निर्णय लेने की क्षमता और व्यावसायिक अवसरों को पहचानने का कौशल विकसित होना चाहिए। इसी उद्देश्य से सूर्यदत्त संस्थान विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, उद्यमशीलता और रोजगार सृजन की मानसिकता विकसित करने पर जोर दे रहा है।
इस अंतरमहाविद्यालयीन प्रदर्शनी में बीबीए और एमबीए के विद्यार्थियों ने तकनीक, ई-कॉमर्स, वित्तीय सेवाओं, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों की 40 से अधिक लोकप्रिय कंपनियों के कारोबारी मॉडल प्रस्तुत किए। इनमें जोमैटो, मेकमायट्रिप, पेटीएम, ओला, जेप्टो, मीशो, फोनपे, जोहो, ओयो, जेरोधा, ब्लिंकिट, नायका और फिजिक्सवाला जैसे प्रमुख ब्रांड शामिल थे। विद्यार्थियों ने इन कंपनियों की स्थापना, निवेश, विपणन रणनीति, कारोबार विस्तार और सफलता की यात्रा की जानकारी दी।
सुषमा चोरडिया ने बताया कि इस पहल के अगले चरण में सूर्यभारत इंडस्ट्रियल रिसर्च ज्ञानपीठ के माध्यम से विद्यार्थियों और नवोदित उद्यमियों को उद्योग विशेषज्ञों, सफल कारोबारियों तथा शोधकर्ताओं का मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए विशेष मंच तैयार किया जाएगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन आईटी विशेषज्ञ डॉ. दीपक शिकारपुर और प्रो. डॉ. संजय बी. चोरडिया ने किया। आयोजन में प्रो. डॉ. प्रतीक्षा वाबळे के नेतृत्व में विभिन्न प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। संचालन प्रो. डॉ. सुनील धनगर ने किया तथा आभार डॉ. प्रतीक्षा वाबळे ने माना।



