ताजा खबरब्रेकिंग न्यूज़शहर

भारत २१ वीं सदी में विश्व गुरू बनेगा – विश्वधर्मी प्रा.डॉ. विश्वनाथ दा. कराड

एमआईटी डब्ल्यूपीयू में स्वामी विवेकानंद जयंती मनाई ‘स्टुडेन्ट पीस एंबेसडर’ ने छात्रों को सम्मानित किया

Spread the love

पुणे : ” स्वामी विवेकानंद ने १८९३ में वर्ल्ड रिलिजन कॉन्फ्रेंस में भविष्यवाणी की थी कि विज्ञान और अध्यात्म के समन्वय से ही दुनिया में खुशी, संतोष और शांति आऐगी. २१वीं सदी में, मेरी भारत माता ज्ञान का मंदिर और विश्व गुरू बनकर उभरेगी. यह विचार एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के संस्थापक अध्यक्ष प्रो.डॉ.विश्वनाथ दा. कराड ने व्यक्त किए.
भारत के महान सपूत स्वामी विवेकानंद की १६४वीं जयंती एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी में बडे उत्साह के साथ मनाई गई. इस मौके पर एमआईटी डब्ल्यूपीयू के कार्याध्यक्ष डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड, कुलपति डॉ. आर.एम.चिटणीस, विख्यात डॉ. संजय उपाध्ये, डॉ. मिलिंद पात्रे, डॉ. हितेश जोशी और डॉ. भार्गव बिराडी मौजूद थे.
विश्व शांति के लिए योगदान देने वाले स्टूडेंटस कृष्णा पाटिल, दक्षा उपासनी, निधि पानवाला, धैर्य अग्रवाल, भारवी चौधरी, रुद्राक्ष सुतार, अदिति खुराना, श्रेयस जोशी, हर्ष मुथा और अथर्व लोखंडे को स्टूडेंट पीस एंबेसडर से सम्मानित किया गया.
डॉ. विश्वनाथ दा. कराड ने कहा, स्वामी विवेकानंद ने दुनिया के सामने भारत का आइडिया पेश किया. वे एक दूर की सोचने वाले इंसान थे. उन्होने दुनिया के सामने धर्म, प्रार्थना और ध्यान के बारे में आइडिया पेश किए है. इसलिए सभी को उनके मार्ग पर चलना चाहिए. युवाओं में ताकत होती है. उन्हें हमेशा हिम्मत और बहादुरी के साथ आगे बढना चाहिए. हमेशा ईमानदार रहे, आपकी अपनी पर्सनैलिटी, आपकी अपनी जिंदगी ही ताकत का राज है.
डॉ. संजय उपाध्ये ने कहा, स्वामी विवेकानंद शब्द का विस्तार बहुत सुंदर है. इसमें स्वामी का मतलब है खुद को जीतना, विवेक का मतलब है विवेक के साथ जीना और आनंद का मतलब है अपने अंदर खुशी ढूंढना.
डॉ. आर.एम.चिटनिस ने कहा, देश के युवाओं को स्वामी के विचारों से प्रेरित करने के लिए यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है. चूंकि युवाओं की जिम्मेदारी है, इसलिए उन्हें स्वामीजी के दिखाए रास्ते पर चलना चाहिए.
डॉ. मिलिंद पात्रे ने स्वागत पर भाषण में कहा कि, डॉ. कराड पिछले ४० सालों से भारत को विश्व गुरू बनाने के विचार को हकीकत बनाने के लिए कडी मेहनत कर रहे है. इस दुनिया में किसी भी महान व्यक्ति ने ऐसा काम नहीं किया.
इस मौके पर मौजूद सभी छात्रों ने अपने भाषणों में कहा कि अगर हम आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया की दुनिया में स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा लें और उनके विचारों पर चले. तो हमारे जीवन में खुशियों का झरना बहेगा.
कार्यक्रम का संचालन छात्र वैभवी मैड और शौर्य शर्मा ने किया. डॉ. भार्गव बिराडी ने आभार मानाा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!