पुणे जिले के विकास को नई रफ्तार; जिला वार्षिक योजना के लिए 1472 करोड़ रुपये मंजूर
पिछले वर्ष से 93 करोड़ अधिक बजट, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर

पुणे, 15 मई, : पुणे जिले के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु जिला वार्षिक योजना (सामान्य) के अंतर्गत 1472 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। यह राशि पिछले वर्ष की तुलना में 93 करोड़ रुपये अधिक है। उपमुख्यमंत्री एवं पुणे जिले की पालकमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि जिले में बुनियादी ढांचे, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़े महत्वाकांक्षी प्रकल्पों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा सभी विकास कार्य गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं।
विभागीय आयुक्त कार्यालय में आयोजित जिला नियोजन समिति की बैठक दूरदृश्य प्रणाली के माध्यम से संपन्न हुई। बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे, सांसद एवं विधायक ऑनलाइन शामिल हुए। वहीं सांसद मेधा कुलकर्णी, जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील तथा जिला नियोजन अधिकारी किरण इंदलकर प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में वर्ष 2025-26 के निधि व्यय की समीक्षा करते हुए वर्ष 2026-27 की विकास योजनाओं को मंजूरी दी गई। प्रशासन ने बताया कि जिले की बढ़ती विकास आवश्यकताओं को देखते हुए निधि वृद्धि, महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की प्रभावी अमलबजावणी और कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने विशेष रूप से बिबट (तेंदुआ) प्रभावित क्षेत्रों की स्कूलों के आसपास सुरक्षा दीवारें बनाने के निर्देश दिए। साथ ही जिले की स्मशानभूमियों के विकास, यात्रा स्थलों पर सुविधाओं की व्यवस्था तथा नवोन्मेषी योजनाओं की जानकारी सभी जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
संभावित ‘अल नीनो’ प्रभाव के कारण कम वर्षा की आशंका को देखते हुए कृषि और पेयजल प्रबंधन की अग्रिम तैयारी करने के निर्देश भी प्रशासन को दिए गए। बारामती सहित जलसंकटग्रस्त क्षेत्रों में प्रभावी उपाययोजनाएं करने पर भी विशेष चर्चा हुई।
बैठक में पुणे शहर की बढ़ती ट्रैफिक समस्या और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी निधि जनता के करों से प्राप्त होती है, इसलिए उसके उपयोग में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में जिला वार्षिक योजना अंतर्गत 1379 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति उपयोजना हेतु 145 करोड़ रुपये तथा आदिवासी घटक कार्यक्रम हेतु 65.46 करोड़ रुपये सहित कुल 1589.46 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जिनका 100 प्रतिशत व्यय सफलतापूर्वक किया गया।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष पुणे ग्रैंड टूर प्रकल्प, एग्री हैकॅथॉन, आदर्श स्कूल तथा स्मार्ट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी कई लोकाभिमुख और नवोन्मेषी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया गया, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विकास को गति मिली।
वर्ष 2026-27 में पुणे ग्रैंड टूर सड़क परियोजना, कुंभमेले की तैयारी के तहत भीमाशंकर विकास आराखड़ा, श्री क्षेत्र भीमाशंकर आदर्श ग्राम विकास योजना, संत तुकाराम महाराज जन्मस्थान विकास योजना तथा सिंहगढ़ किले के समग्र विकास जैसे महत्वपूर्ण प्रकल्पों के लिए भी बड़े पैमाने पर निधि उपलब्ध कराई गई है। इन परियोजनाओं से धार्मिक पर्यटन, ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण, ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाओं को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई।



