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आरपीएफ पुणे द्वारा यात्रियों की सुरक्षा एवं सेवा में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ 

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यात्रियों की सुरक्षा, सम्मान एवं विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), पुणे मंडल द्वारा वर्ष 2025 के दौरान अनेक प्रभावी, सतर्क एवं मानवीय कदम उठाए गए हैं, जिनके अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
इन प्रयासों से यह सिद्ध हुआ है कि आरपीएफ न केवल एक सुरक्षा बल है, बल्कि यात्रियों का भरोसेमंद
संरक्षक भी है।

बिछड़े बच्चों को परिवार से मिलाने में उल्लेखनीय सफलता:

“ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के अंतर्गत यात्रा के दौरान अपने परिवार से बिछड़े अथवा घर से भागकर आए बच्चों को सुरक्षित बचाकर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के माध्यम से उनके माता-पिता से मिलाया गया। वर्ष 2024 में जहाँ 310 बच्चों को सुरक्षित सुपुर्द किया गया था, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 423 हो गई, जो 36.45 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है। यह अभियान आरपीएफ की मानवीय संवेदनशीलता का सशक्त उदाहरण है।

यात्रियों का खोया सामान सुरक्षित लौटाया गया:

“ऑपरेशन अमानत” के तहत यात्रियों का छूटा हुआ सामान सुरक्षित रूप से बरामद कर उन्हें लौटाया गया। वर्ष 2024 में 189 यात्रियों को लगभग ₹45.75 लाख मूल्य का सामान लौटाया गया, जबकि वर्ष 2025 में 237 यात्रियों को लगभग ₹74.55 लाख मूल्य का सामान सुरक्षित सुपुर्द किया गया। यह पिछले वर्ष की तुलना में 25.39 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

महिला सुरक्षा को लेकर सख़्त
कार्रवाई:

महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए “ऑपरेशन महिला सुरक्षा” के अंतर्गत महिला डिब्बों में अनधिकृत रूप से यात्रा करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई। वर्ष 2024 में 418 व्यक्तियों पर कार्रवाई कर ₹91,250 का जुर्माना वसूला गया, जबकि वर्ष 2025 में 1,478 व्यक्तियों पर कार्रवाई कर ₹5,48,850 का जुर्माना वसूला गया। यह 253.58 प्रतिशत की वृद्धि है, जो महिला सुरक्षा को लेकर आरपीएफ की सख़्त नीति को दर्शाती है।

यात्री सामान चोरी के मामलों में बड़ी कामयाबी:

“ऑपरेशन यात्री सुरक्षा” के अंतर्गत आरपीएफ की तेजस्विनी टीम द्वारा चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया गया। वर्ष 2024 में 65 मामलों का पता लगाकर 86 आरोपियों को पकड़ा गया, जबकि वर्ष 2025 में 118 मामलों का खुलासा कर 149 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह 81.53 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है।

सतर्कता से यात्रियों की जान बचाई गई:

“ऑपरेशन जीवन रक्षा” के तहत ड्यूटी के दौरान त्वरित एवं साहसिक कार्रवाई करते हुए आरपीएफ द्वारा कई अनमोल जिंदगियाँ बचाई गईं। वर्ष 2024 में 7 यात्रियों की जान बचाई गई थी, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 12 हो गई, जो 71.42 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।

अकेली महिला यात्रियों के लिए ‘मेरी सहेली’ अभियान:

अकेली यात्रा कर रही महिला यात्रियों की सहायता एवं सुरक्षा हेतु “मेरी सहेली” अभियान के अंतर्गत वर्ष 2025 में 967 ट्रेनों को अटेंड किया गया तथा 21,115 महिला यात्रियों को व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन, सहायता एवं सुरक्षा प्रदान की गई।

आरपीएफ पुणे मंडल यात्रियों एवं रेल
संपत्ति की सुरक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इसी समर्पण, संवेदनशीलता एवं सतर्कता के साथ अपनी सेवाएँ जारी रखेगा।

 

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