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लोकनेता स्व. विलासराव देशमुख की स्मृतियाँ केवल लातूर तक सीमित नहीं, पूरे महाराष्ट्र में -वरिष्ठ प्रवक्ता गोपाळदादा तिवारी

दिवंगत मुख्यमंत्री पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का बयान दुर्भावनापूर्ण व विकृत मानसिकता - कांग्रेस की ओर से तीव्र निषेध

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पुणे. भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण द्वारा लातूर की एक चुनावी सभा में दिवंगत मुख्यमंत्री स्व. विलासराव देशमुख के बारे में दिया गया बयान अत्यंत अहंकारी, दुर्भावनापूर्ण और विकृत मानसिकता को दर्शाने वाला है। उन्होंने यह कहकर कि “लातूरवासी विलासराव देशमुख की यादें मिटा देंगे”, सत्ता के नशे में असंवेदनशीलता की सारी सीमाएं पार कर दी हैं। इस बयान का महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता गोपाळदादा तिवारी ने तीव्र शब्दों में निषेध किया है।

गोपाळदादा तिवारी ने कहा कि लोकनेता स्व. विलासराव देशमुख की स्मृतियाँ केवल लातूर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे पूरे महाराष्ट्र में गहराई से रची-बसी हैं। वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रहे, यह बात भाजपा नेताओं को स्मरण में रखनी चाहिए ।

उन्होंने आगे कहा कि स्व. विलासराव देशमुख ने राज्य में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए शालेय विद्यार्थियों के प्रमाणपत्रों पर पिता के साथ माता का नाम अनिवार्य रूप से दर्ज करने की पहल की, जिससे राज्य की माताओं और बहनों के सम्मान को नई ऊँचाई मिली।

तिवारी ने यह भी स्मरण कराया कि स्व. विलासराव देशमुख ने तत्कालीन विपक्ष के नेता स्व. गोपीनाथ मुंडे को विपक्ष नेता का पद देकर लोकतांत्रिक परंपराओं और राजनीतिक मर्यादाओं का पालन किया। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद विलासराव देशमुख और गोपीनाथ मुंडे के बीच की सच्ची मित्रता का उदाहरण महाराष्ट्र ने देखा है।

उन्होंने गुजरात में आए भीषण भूकंप के समय की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के निर्देशानुसार तत्कालीन मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने गुजरात के कुछ गांवों को गोद लेकर उनके पुनर्वसन का कार्य किया था। यह उनकी सामाजिक संवेदनशीलता का प्रमाण है, जिसे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को स्मरण में रखना चाहिए था।

अंत में गोपाळ तिवारी ने इस बयान का विरोध करते हुए कहा कि जिस भाजपा ने अपने ही वरिष्ठ एवं दिवंगत नेताओं के संस्कारों और स्मृतियों को भुला दिया है, उस पार्टी के वर्तमान ‘व्यावसायिक सोच’ वाले नेताओं से संवेदनशीलता की अपेक्षा करना ही व्यर्थ है।

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