22 जनवरी को तय होगा पुणे मनपा के महापौर पद का आरक्षण, लॉटरी पर टिकीं निगाहें

पुणे. पुणे महानगरपालिका के चुनाव संपन्न होने के बाद अब शहर की राजनीति की नजरें 22 जनवरी को होने वाली महापौर पद की आरक्षण लॉटरी पर टिकी हैं। इस लॉटरी के माध्यम से अगले पांच वर्षों के लिए महापौर पद का आरक्षण तय किया जाएगा। पिछले कार्यकाल में पुणे मनपा का महापौर पद पहले ढाई वर्षों के लिए महिलाओं के लिए आरक्षित था, जबकि शेष ढाई वर्षों के लिए यह पद ओपन श्रेणी में रखा गया था। इस बार आरक्षण किस वर्ग के लिए होगा, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में उत्सुकता बढ़ गई है।
महाराष्ट्र शहरी विकास विभाग के उपसचिव अनिरुद्ध जेवलीकर ने जानकारी देते हुए बताया कि महापौर पद की आरक्षण लॉटरी मुंबई में आयोजित की जाएगी। यह प्रक्रिया राज्य के शहरी विकास मंत्री की उपस्थिति में पूरी की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी लॉटरी के जरिए राज्य की सभी 29 महानगरपालिकाओं में महापौर पद का आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
इस बीच, पुणे महानगरपालिका चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा ने कुल 165 में से 119 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को 27 सीटें मिली हैं, जबकि उसकी सहयोगी एनसीपी (शरदचंद्र पवार गुट) ने 3 सीटों पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस के 15 पार्षद निर्वाचित हुए हैं और उसकी सहयोगी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को 1 सीट मिली है।
अब 22 जनवरी को होने वाली आरक्षण लॉटरी के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि पुणे महानगरपालिका का अगला महापौर किस वर्ग से होगा, जिसके आधार पर राजनीतिक समीकरणों को अंतिम रूप मिलेगा।



