केंद्रीय बजट में पुणेवासियों के लिए केवल घोषणाबाजी : मोहन जोशी

पुणे। मोदी सरकार द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट में पुणेवासियों के लिए ठोस प्रावधानों के बजाय केवल घोषणाओं और स्वप्नलोक का सहारा लिया गया है। यह तीखी आलोचना महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक मोहन जोशी ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से की है।
मोहन जोशी ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा पुणे–मुंबई और पुणे–हैदराबाद हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं को लेकर केवल प्रचार किया जा रहा है। ये परियोजनाएं वास्तव में कब पूरी होंगी और पुणेवासियों को इनका वास्तविक लाभ कब मिलेगा, इस पर बजट में कोई स्पष्टता नहीं है। ऐसे में इन योजनाओं के माध्यम से पुणे की जीडीपी और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होने के दावे भ्रामक सिद्ध होते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ‘ग्रोथ हब’ के नाम पर की गई बजटीय घोषणाओं से पुणे को अगले पाँच वर्षों में लाभ होगा, यह दावा भी तथ्यहीन है। यह केवल जनता को भ्रमित करने का प्रयास है।
मोहन जोशी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार केवल घोषणाबाजी के लिए जानी जाती है और पुणे के विकास की बातें भी उसी का हिस्सा हैं। पुणे एक प्रमुख महानगर है, जिसकी आधारभूत संरचनाओं और यातायात समस्याओं के समाधान के लिए बड़े आर्थिक प्रावधानों तथा समयबद्ध योजनाओं की आवश्यकता है। लेकिन इस बजट से पुणेवासियों को भारी निराशा हाथ लगी है।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी योजना की विफलता इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। पुणे के मतदाताओं ने भाजपा को भरपूर समर्थन दिया, लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार ने शहर के मध्यम वर्ग की अपेक्षाओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया है, ऐसा भी मोहन जोशी ने अपनी विज्ञप्ति में कहा।



