निशिकांत दुबे का राहुल गांधी पर बयान ‘संवैधानिक अज्ञान और बाल-बुद्धि’ का प्रतीक: गोपालदादा तिवारी

पुणे, — भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दिए गए बयान को महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने इसे “संवैधानिक अज्ञान, असूया, द्वेष और बाल-बुद्धि” बताया है।इस बयान पर तिवारी ने कहा कि हाल ही में निशिकांत दुबे ने महाराष्ट्र के मराठी भाषी और भूमिपुत्रों को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की थी, जिसके बाद महाराष्ट्र की महिलाओं ने संसद भवन में उनका घेराव कर विरोध भी जताया था। इसके बावजूद, अपने बेतुके और गैर-जिम्मेदाराना बयानों से सबक न लेते हुए दुबे ने अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बारे में आपत्तिजनक वक्तव्य दिया है, जो वाकई बेहद निंदनीय है।
उन्होंने आगे कहा कि देश की जनता ने 2014 से 2024 तक के मोदी सरकार के कार्यकाल और अनुभव को देखते हुए ही भाजपा को अपेक्षित “400 पार” का जनादेश नहीं दिया। बल्कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), सीबीआई, आयकर विभाग, चुनाव आयोग और दलबदल जैसी तमाम सत्ताधारी रणनीतियों के बावजूद भाजपा की संसदीय सीटें लगभग 35 प्रतिशत घट गईं।
इसके विपरीत, कांग्रेस पार्टी ने मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में अपनी सीटें दोगुनी करते हुए 52 से बढ़ाकर 102 कर लीं। इसी जनादेश के माध्यम से जनता ने कांग्रेस–इंडिया गठबंधन को मजबूत किया और राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष बनाया। तिवारी ने कहा कि कम से कम इस सच्चाई का भान निशिकांत दुबे जैसे सांसदों को होना चाहिए।
तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि सच्चाई सामने आने पर सत्ताधारियों की पोल खुल जाएगी, इसी कारण लोकसभा अध्यक्ष ने राहुल गांधी को सबूत पेश करने से रोका। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में सवाल उठाया कि मोदी–शाह की चाटुकारिता करने वालों और देश के स्वतंत्रता संग्राम के प्रति उदासीन रहने वालों को संवैधानिक मर्यादाओं की समझ कैसे हो सकती है।



