18 से 45 से ऊपर मानसिक दिव्यांगों के लिए दीर्घकालीन योजना की जरूरत: मंजुषा नागपुरे
समाज कार्य ही मनःशांति का मार्ग: संदीप खर्डेकर

क्रिएटिव फाउंडेशन ने सेवा सदन दिलासा कार्यशाला में विभिन्न उपयोगी वस्तुएं दी भेंट
पुणे। 45 वर्ष से अधिक आयु के मानसिक दिव्यांगों के पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस व दीर्घकालीन योजना बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए “विशेष व्यक्तियों” के क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं, सीएसआर निधि और मनपा के माध्यम से क्या किया जा सकता है, इस दिशा में पहल की जाएगी, ऐसा आश्वासन महापौर मंजुषा नागपुरे ने दिया। वे क्रिएटिव्ह फाउंडेशन द्वारा सेवासदन संस्था की ‘दिलासा’ कार्यशाला को विविध उपयोगी वस्तुओं के वितरण कार्यक्रम में बोल रही थीं।
महापौर नागपुरे ने कहा कि सेवासदन की ‘दिलासा’ कार्यशाला 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के मानसिक दिव्यांग वयस्कों को प्रशिक्षण देकर उनके द्वारा निर्मित वस्तुओं और खाद्य पदार्थों की बिक्री के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है, जो अत्यंत सराहनीय है। हालांकि 45 वर्ष के बाद इन दिव्यांगों के लिए क्या व्यवस्था होगी, इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि दिव्यांगों को मिलने वाली एक-दो हजार रुपये की पेंशन अपर्याप्त है, इसलिए स्थायी समाधान खोजने होंगे।
महापौर नागपुरे ने आगे कहा कि राजनीति का स्तर कितना भी गिर जाए, हमें अपना सामाजिक कार्य निरंतर करते रहना चाहिए। क्रिएटिव्ह फाउंडेशन के माध्यम से संदीप और मंजुश्री खर्डेकर दंपति द्वारा किया जा रहा कार्य प्रशंसनीय है। उन्होंने यह भी कहा कि दिव्यांगों को मिलने वाली एक-दो हजार रुपये की पेंशन पर्याप्त नहीं है, इसलिए उनके लिए दीर्घकालीन और प्रभावी उपाय खोजने का प्रयास किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम की प्रस्तावना में क्रिएटिव्ह फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप खर्डेकर ने कहा कि वर्तमान में राजनीति का स्तर गिरता जा रहा है और मुद्दों पर विरोध के बजाय व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप बढ़ रहे हैं। ऐसे वातावरण में ईश्वर भक्ति और मनःशांति के लिए समाज कार्य ही सर्वोत्तम मार्ग है।इस अवसर पर नगरसेवक पुनीत जोशी, प्रशांत हरसूले, एड. प्राची बगाटे, सेवा सदन के सरचिटणीस चिंतामणी पटवर्धन, सहसचिव अर्चना शहाणे, व्यवस्थापिका मेघना जोशी सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।कार्यक्रम में दिलासा कार्यशाला को सतरंजी, प्रेशर कुकर, कड़ाही, डिब्बे, मास्क, ग्लव्स तथा अन्य उपयोगी वस्तुएं भेंट की गईं।
ज्येष्ठ नागरिक संघ, वृद्धाश्रम, दिव्यांग पुनर्वसन केंद्र और हास्य क्लबों को वस्तुरूप सहायता ही आवश्यकता
इस मौके पर अध्यक्ष संदीप खर्डेकर ने मनपा से मांग की, कि ज्येष्ठ नागरिक संघ, वृद्धाश्रम, दिव्यांग पुनर्वसन केंद्र और हास्य क्लबों को वस्तुरूप सहायता के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया जाए। साथ ही अगले आर्थिक वर्ष में और अधिक सहायता देने की घोषणा भी की। ट्रस्टी एवं नगरसेविका मंजुश्री खर्डेकर ने फाउंडेशन के कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि “हम राजनीति से अधिक समाजसेवा को प्राथमिकता देते हैं।” उन्होंने बताया कि समर्थ पथ स्थित शक्ति 98 चौक पर मनपा के सहयोग से दिव्यांगों द्वारा निर्मित वस्तुओं का स्थायी विक्रय केंद्र स्थापित किया गया है।



