कोथरुड ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट को मिलेगी रफ्तार
चंद्रकांत पाटिल के प्रयासों को मिली बड़ी सफलता

पुणे : कोथरुड विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से लंबित चल रही ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना को अब जल्द ही गति मिलेगी। बाणेर के कस्पटे वस्ती क्षेत्र में बालेवाडी-वाकड पुल मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना आखिरकार जिला प्रशासन ने मंजूरी दे दी है। इस कार्य के लिए चंद्रकांत पाटिल को बड़ी सफलता मिली है। कोथरुड क्षेत्र में बढ़ती यातायात समस्या को दूर करने के लिए उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल लगातार प्रयासरत थे। उनके प्रयासों के चलते बुधवार को यह महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी कर दी गई, जिससे अब इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना के कार्य को प्रत्यक्ष रूप से गति मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि, “बाणेर से वाकड क्षेत्र की यातायात समस्या को दूर करने के लिए बालेवाडी-वाकड फ्लाईओवर अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस मार्ग को शीघ्र शुरू करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। अब अधिसूचना जारी होने से कार्य में तेजी आएगी और परियोजना पूर्ण होने के बाद नागरिकों को यातायात जाम से स्थायी राहत मिलेगी।”
जारी अधिसूचना के अनुसार, बाणेर-वाकड पुल के लिए विकास योजना (DP) में प्रस्तावित 30 मीटर चौड़ी सड़क हेतु भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। यह अधिग्रहण महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम की धारा 205 के तहत आरक्षित भूमि पर किया जा रहा है। योजना के तहत इस मार्ग को 30 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा, जिसमें भविष्य की बढ़ती यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक पदपथ और साइकिल ट्रैक की भी व्यवस्था की जाएगी। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद हिंजवडी आईटी पार्क जाने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए यह मार्ग एक महत्वपूर्ण ‘शॉर्टकट’ साबित होगा। साथ ही मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर राधा चौक और भुजबळ चौक जैसे प्रमुख जंक्शनों पर यातायात का दबाव लगभग 50 प्रतिशत तक कम होने की संभावना है।



