हिंदुओं में सोई हुई क्षत्रिय भावना को जगाना होगा – टी. राजा सिंह
हडपसर में ‘हिंदू राष्ट्र-जागृति सभा’ में शामिल हुए 11 हजार से अधिक लोग

पुणे : हड़पसर जैसे इलाकों में गाय काटने वाले कट्टरपंथी पुलिस के सामने गौरक्षकों को पीट रहे हैं और कट्टरपंथी छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति पर पत्थर फेंक रहे हैं। अगर हालात ऐसे ही रहे तो हिंदू बच्चों का भविष्य खराब है। लेकिन, हिंदुओं को जागरूक होना चाहिए और छत्रपति शिवाजी महाराज के स्पर्श से पवित्र हुई इस पवित्र भूमि की पहचान मिटाने की साजिश को नाकाम करना चाहिए। अब हिंदुओं में सोई हुई क्षत्रिय भावना को जगाना होगा, यह अपील भाग्यनगर से श्रीराम युवा सेना के संस्थापक-अध्यक्ष MLA टी. राजा सिंह ने की। वे 5 अप्रैल को हड़पसर के काले पडाल में स्वर्गीय मारुतराव काले स्कूल ग्राउंड में आयोजित हिंदू राष्ट्र-जागृति सभा में बोल रहे थे। इस ‘हिंदू राष्ट्र-जागृति सभा’ में 11 हजार से अधिक लोगों ने भाग लेकर बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस सभा में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और नागरिक शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए टी. राजा सिंह ने सामाजिक एकता और जागरूकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित रहकर अपनी सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों की रक्षा के लिए सक्रिय रहना आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुटता के साथ समाजहित में कार्य करें। इस अवसर पर पूर्व संयुक्त चैरिटी कमिश्नर दिलीप देशमुख, स्वातंत्र्यवीर सावरकर स्मृति प्रतिष्ठान के महासचिव विद्याधर नरगोलकर, भाजपा पुणे छावनी महासचिव समीर शेंडकर, भाजपा नगरसेवक मारुति (आबा) तुपे, भाजपा नगरसेवक राजेंद्र काशीनाथ भिटाडे, भाजपा नगरसेविका श्रीमती उज्ज्वला जंगले सहित कई मान्य लोग उपस्थित थे,
इस अवसर पर स्वाती खाडये (सनातन संस्था) ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपराएं और मूल्य समाज की मूल पहचान हैं, जिन्हें बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। वहीं सुनील घनवट (हिंदू जनजागृति समिति) ने विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करते हुए नागरिकों से जागरूक रहने और सामाजिक समरसता बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत शंखनाद और दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। वेदमंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम के दौरान स्वसंरक्षण से जुड़े विभिन्न प्रात्यक्षिक भी प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा। सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। अंत में ‘वंदे मातरम्’ के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।



