पुणे रेलवे स्टेशन की समस्याएं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सांसद प्रो. डॉ. मेधा कुलकर्णी ने किया निरीक्षण

पुणे : शहर के रेलवे स्टेशन को लेकर नागरिकों से लगातार मिल रही शिकायतों की वजह से राज्यसभा सांसद डॉ. मेधा कुलकर्णी ने आज पुणे रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और रेलवे प्रशासन की कड़ी आलोचना की। इस निरीक्षण के दौरान कई सुरक्षा व्यवस्था में कई गंभीर खामियां, समस्याएं और असुविधाएं सामने आईं, जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है और इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी।
इस मौके पर डॉ. कुलकर्णी ने कहा,“निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में लोग बिना टिकट के घूमते हुए पाए गए। खुद प्लेटफॉर्म टिकट लेकर प्रवेश करने के बावजूद कई लोग बिना किसी जांच के परिसर में घूमते नजर आए। स्टेशन परिसर में नशेड़ी लोगों की आवाजाही, शराब और नशीले पदार्थों का सेवन, साथ ही चोरी और अत्याचार जैसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं, जो चिंताजनक है। इन सभी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि सीसीटीवी कैमरों के लिए फंड उपलब्ध होने के बावजूद निगरानी व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो रही है। स्टेशन पर टिकट जांच करने वाले अधिकारियों (टीसी) की कमी के कारण “आओ-जाओ, घर तुम्हारा” जैसी स्थिति बन गई है। इसके अलावा, स्टेशन पर स्टॉल आवंटन में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता नहीं मिलने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया। उन्होंने कहा कि “जरूरतमंद और स्थानीय लोगों को अवसर देने वाली व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।”
इन सभी मुद्दों पर उन्होंने विभागीय रेल प्रबंधक (डीआरएम) राजेश वर्मा से मुलाकात कर चर्चा की। उन्होंने पुणे रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत मजबूत करने, अब तक लापरवाही बरतने वालों को जिम्मेदार ठहराने और संबंधित रेलवे व पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही, केंद्रीय रेल मंत्री को भी इस संबंध में लिखित शिकायत भेजे जाने की जानकारी दी। स्थानीय कार्यकर्ता अनिल परदेशी ने भी स्टेशन परिसर की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाई है।



