डॉक्टर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का नैतिक और जिम्मेदारी से उपयोग करें : डॉ. अदिति कराड
विश्वराज हॉस्पिटल में डॉक्टर्स डे पर चिकित्सकों का सम्मान

पुणे/लोणी काळभोर : विश्वराज हॉस्पिटल की संचालिका डॉ. अदिति राहुल कराड ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा के दौर में डॉक्टरों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का नैतिक एवं जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एआई डॉक्टरों का विकल्प नहीं, बल्कि उनका सक्षम सहायक है, जिससे रोगों के निदान की सटीकता बढ़ती है, समय की बचत होती है तथा प्रशासनिक कार्यों का बोझ कम होता है। इससे डॉक्टर मरीजों की बेहतर देखभाल पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर लोणी काळभोर स्थित विश्वराज हॉस्पिटल में केक काटकर डॉक्टरों के योगदान का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन चिकित्सकों की सेवा, समर्पण और समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से किया गया।
इस अवसर पर हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सुजीत कुमार, डॉ. विजय खंडाळे, डॉ. सुषमा तथा सहायक चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन कातकाडे सहित सभी वरिष्ठ चिकित्सक, विभागाध्यक्ष और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में “Behind the Mask: Who Heals the Healers” (मुखौटे के पीछे: स्वास्थ्य रक्षकों का उपचार कौन करता है) विषय पर आधारित विशेष थीम का अनावरण भी डॉ. अदिति कराड के हाथों किया गया। यह थीम स्वास्थ्यकर्मियों की करुणा, संघर्ष और मानवीय सेवा को समर्पित रही।
डॉ. अदिति कराड ने कहा कि सेवाभाव ही डॉक्टर की सबसे बड़ी पहचान है। “रोगी सेवा ही ईश्वर सेवा” के सिद्धांत को अपनाकर प्रत्येक चिकित्सक को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की मेहनत, संवेदनशीलता और समर्पण ही स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने चिकित्सकों से तकनीक, ऑनलाइन माध्यमों और एआई का अधिक से अधिक उपयोग कर चिकित्सा सेवाओं को और प्रभावी बनाने का आह्वान किया।
मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सुजीत कुमार, डॉ. सुषमा और डॉ. सचिन कातकाडे ने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का श्रेष्ठ माध्यम है। डॉक्टर लगातार संवेदनशील परिस्थितियों में कार्य करते हैं, इसलिए टीमवर्क अत्यंत आवश्यक है। यदि चिकित्सा सेवा को एक मिशन मानकर कार्य किया जाए तो स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।



