ताथवडे स्थित श्री बालाजी विद्यापीठ पर प्रशासक मंडल नियुक्त
उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार राज्य सरकार ने की नियुक्ति; डॉ. पराग कालकर बने मुख्य प्रशासक
पुणे : ताथवडे स्थित श्री बालाजी विद्यापीठ में ट्रस्ट के आंतरिक विवाद के कारण प्रभावित हो रहे दैनिक शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कामकाज को सुचारु बनाने के लिए उच्च न्यायालय के आदेशानुसार प्रशासक मंडल नियुक्त किया गया है। यह स्वयं-अर्थसहाय्यित विद्यापीठ है। ट्रस्ट में उत्पन्न विवाद के चलते विश्वविद्यालय के नियमित कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था।
दिसंबर 2024 में संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष के निधन के बाद उनकी पत्नी बी. थिलागावती के अध्यक्ष पद पर चयन को लेकर कानूनी विवाद उत्पन्न हुआ था। इस मामले में उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करने के निर्देश दिए थे। न्यायालय के आदेश के बाद उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील की पहल पर राज्य सरकार ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और विश्वविद्यालय का कामकाज सुचारु बनाए रखने के लिए उच्च न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखा।इसके बाद उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार श्री बालाजी विद्यापीठ पर प्रशासक मंडल नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। नियुक्त मंडल में सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के प्र-कुलगुरु डॉ. पराग काळकर को मुख्य प्रशासक बनाया गया है। वहीं सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारी डॉ. चारुशीला गायके तथा सीओईपी के अधिष्ठाता पराग सदगीर को प्रशासक मंडल में शामिल किया गया है।नियुक्ति के बाद प्रशासक मंडल ने तत्काल विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल ली। मंडल ने विश्वविद्यालय से संबंधित विभिन्न समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों से भी आंदोलन स्थल पर जाकर संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं मांगों को समझने का प्रयास किया।प्रशासक मंडल द्वारा विद्यार्थियों से सीधे संवाद करने तथा विश्वविद्यालय की व्यवस्था अपने हाथ में लेने से शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। इस पहल से श्री बालाजी विद्यापीठ का दैनिक कामकाज आगामी दिनों में पूरी तरह सुचारु होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।



