सरकारी जनगणना में धर्म “जैन” लिखवाएं : सुनील सिंघी
युवक महासंघ देशभर में चलाएगा जनजागरण अभियान, 50 या अधिक जैन परिवार वाले क्षेत्रों में गठित होंगी नई शाखाएं

केसरियाजी, – सरकारी जनगणना के दौरान सभी जैन धर्मावलंबी अपनी गौत्र एवं सरनेम के साथ प्रमुख रूप से “जैन धर्म” अवश्य लिखवाएं, ताकि देश में जैन समाज की वास्तविक जनसंख्या सामने आ सके। इसके लिए अखिल भारतीय श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक युवक महासंघ देशभर में जनजागरण अभियान चलाएगा।
यह आह्वान भारत सरकार के व्यापार कल्याण बोर्ड के चेयरमैन एवं अखिल भारतीय श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक युवक महासंघ के अंतरराष्ट्रीय चेयरमैन श्री सुनीलजी सिंघी ने केसरियाजी तीर्थ में आयोजित महासंघ के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान किया।
श्री सिंघी ने कहा कि सामाजिक एकता एवं संगठन की शक्ति वर्तमान समय की आवश्यकता है। समाज को अपनी राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। तीर्थों की रक्षा तथा विभिन्न सामाजिक प्रकल्पों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए संगठन को और अधिक मजबूत बनाना आवश्यक है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष हरेश शाहा ने कहा
महासंघ के सभी राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पदाधिकारियों से निरंतर प्रवास करने तथा अपने-अपने क्षेत्रों में नई शाखाओं के गठन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जहां 50 या उससे अधिक जैन परिवार निवास करते हैं, वहां महासंघ की शाखा गठित कर अधिक से अधिक युवाओं को सामाजिक कार्यों से जोड़ा जाए।
दीप प्रज्ज्वलन एवं ध्वज वंदन से हुआ शुभारंभ
महासंघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय जैन भैया ने बताया कि दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के प्रथम दिवस, 3 अक्टूबर शनिवार को श्री केसरिया नाथ प्रभु के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं जैन ध्वज वंदन के साथ उद्घाटन सत्र का शुभारंभ हुआ।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री हरेशजी शाह एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गौतमजी जैन, चेन्नई ने भी संबोधित किया। राष्ट्रीय महामंत्री श्री सुनीलजी गांग ने महासंघ का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। केसरियाजी तीर्थ स्थित श्री कीकाभाई धर्मशाला ट्रस्ट मंडल का बहुमान भी किया गया।
पुणे से राष्ट्रीय अध्यक्ष हरेश शहा के साथ अचल जैन , समीर जैन , सदिप पारेख , अल्पेश गोगरी , चेतक जैन , निमेश शहा ने प्रतिनिधित्व क्या
संध्या समय श्री केसरिया नाथ मुख्य मंदिर में प्रभु की हीरे-जवाहरात, सोने-चांदी से आकर्षक अंगी रचना की गई। उपस्थित समाजजनों ने प्रभु के दर्शन कर संगीतमय भक्ति का लाभ लिया।

“अपनों से अपनी बात” कार्यक्रम
इसके बाद आयोजित द्वितीय सत्र “अपनों से अपनी बात” में मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, बैंगलोर, चेन्नई, मुंबई, पुणे, जयपुर सहित विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में वर्षभर किए गए सामाजिक एवं संगठनात्मक कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की तथा आगामी कार्यों के लिए विभिन्न सुझाव दिए।
रात्रि में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के साथ अधिवेशन के प्रथम दिवस का समापन हुआ। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री विकास बोहरा ने किया।
अधिवेशन के द्वितीय दिवस रविवार सुबह भगवान के वरघोड़े का आयोजन किया गया। ढोल, बैंड-बाजे एवं घोड़ी के साथ निकला वरघोड़ा श्री केसरिया नाथ मुख्य मंदिर पहुंचा, जहां सामूहिक स्नात्र पूजा एवं चैत्यवंदन किया गया।
समापन सत्र में वर्षभर उत्कृष्ट कार्य करने वाले साथियों एवं इकाइयों को शील्ड एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
जालौर के श्री विकास बोहरा को “युवा रत्न” तथा अहमदाबाद के श्री भद्रेश भाई शाह को “श्रेष्ठ युवा रत्न” सम्मान प्रदान किया गया।
चेन्नई, बैंगलोर एवं मध्यप्रदेश इकाई को भी स्मृति चिन्ह एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।
राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने वाले भावनगर के श्री संजय शाह, उज्जैन के श्री राकेश वनवट, अलवर के श्री पवन चौधरी, अधिवेशन संयोजक श्री महेंद्र चोपड़ा, व्यवस्था प्रमुख श्री प्रकाशजी बोलिया, सह-प्रमुख श्री पवन डोशी, अधिवेशन प्रभारी श्री नरेंद्र बाफना तथा भोजन व्यवस्थापक श्री विमलजी शाह, ब्यावर सहित अधिवेशन की व्यवस्थाओं में जुटे साथियों एवं सभी लाभार्थियों का राजस्थानी पगड़ी, तिलक एवं माला पहनाकर बहुमान किया गया।
राष्ट्रीय अधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों से करीब 600 सदस्य शामिल हुए। सभी ने अधिवेशन के आकर्षक पांडाल, उत्तम आवास व्यवस्था एवं स्वादिष्ट भोजन की सराहना की।
अधिवेशन ने संगठन विस्तार, युवा सहभागिता, सामाजिक एकता एवं जैन समाज के संगठित विकास की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान की।


