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सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में महात्मा गांधी का स्मारक जल्द बने : स्मारक समिति

अधिसभा के प्रस्ताव के अनुसार प्रतिमा स्थापना की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की मांग; समिति ने कुलपति से की मुलाकात

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पुणे :  सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पूर्णाकृति प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी स्मारक समिति के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. सुरेश गोसावी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति के समक्ष प्रतिमा स्थापना की मांग और समिति की भूमिका रखी।

समिति के अनुसार, पुणे विश्वविद्यालय की अधिसभा में मार्च 2025 तथा वर्ष 2026 में पारित पुनर्प्रस्ताव के माध्यम से महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक प्रत्यक्ष कार्यवाही नहीं होने के कारण पुणे के नागरिकों, संस्थाओं और विभिन्न संगठनों द्वारा गठित महात्मा गांधी स्मारक समिति ने कुलपति से मुलाकात कर प्रस्ताव को लागू करने तथा प्रतिमा स्थापना का कार्य जल्द पूरा करने की मांग की।
मुलाकात के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी स्मारक समिति के अध्यक्ष उल्हासदादा पवार, अन्वर राजन, गोपालदादा तिवारी, डॉ. हर्ष जगझाप, प्रशांत कोठडिया, महावीर जोंधळे, सौ. इंदुमती जोंधळे, नितीन पवार, सिद्धांत जांभुळकर, राहुल गुरधे, अभिजीत मंगल और बालासाहेब पवार सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।कुलपति प्रो. डॉ. सुरेश गोसावी ने समिति के सदस्यों की बात सुनी। उन्होंने प्रतिमा स्थापना से संबंधित आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने और महात्मा गांधी का स्मारक स्थापित करने की दिशा में शीघ्र कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।

ज्ञानकेंद्र में गांधी स्मारक गौरव की बात : समिति

स्मारक समिति ने कहा कि सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय जैसे ज्ञानकेंद्र में विश्वमानव महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित होना विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात होगी। कुलपति के कार्यकाल में प्रतिमा स्थापित होती है, तो यह पुणे विश्वविद्यालय और विद्येचे माहेरघर कहे जाने वाले पुणे शहर के लिए आनंद एवं गर्व का विषय होगा।

समिति ने कहा कि वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, सामाजिक सद्भाव और मानवता के विचार समाज तक पहुंचाना आवश्यक है। महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे का महात्मा गांधी के स्वतंत्रता-पूर्व प्रवास से भी ऐतिहासिक संबंध रहा है।

समिति ने यह भी कहा कि समाज सुधारकों, ऐतिहासिक राष्ट्रपुरुषों तथा महात्मा गांधी के गुरु डॉ. गोपालकृष्ण गोखले की कर्मभूमि पुणे में विश्वप्रसिद्ध ज्ञानकेंद्र सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय स्थित है। ऐसे विश्वविद्यालय परिसर में महात्मा गांधी का स्मारक और गांधी अध्यासन स्थापित किया जाना वर्तमान समय के अनुरूप महत्वपूर्ण कदम होगा। समिति ने स्पष्ट किया कि प्रतिमा स्थापना की प्रक्रिया पूरी होने तक इस विषय का लगातार फॉलोअप जारी रखा जाएगा। साथ ही इस कार्य के लिए सरकारी स्तर पर हरसंभव सहयोग करने की तैयारी भी समिति ने व्यक्त की।

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