
पुणे। त्योहारों के मौसम में एस.टी., रेल्वे जैसी सार्वजनिक सेवाओं में आरक्षण मिलना कठिन हो जाता है, जिसके कारण यात्री बड़ी संख्या में निजी बसों और टूरिस्ट टैक्सी सेवाओं का सहारा लेते हैं। लेकिन इस अवसर का गलत फायदा उठाकर निजी बस चालक और टूरिस्ट टैक्सी चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। इससे यात्रियों की आर्थिक लूट होने का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
ग्राहक पंचायत की ओर से नियुक्त समिति की जांच में यह तथ्य सामने आया है और इस संबंध में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री तथा परिवहन मंत्री के पास आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। पंचायत ने मांग की है कि इस पर तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं।
समिति की प्रमुख सिफारिशें :
दर तय किए जाएं : निजी सेवाओं के लिए प्रति किलोमीटर दर परिवहन विभाग द्वारा आधिकारिक रूप से निर्धारित किया जाए।
दर सूची अनिवार्य : वाहनों के कार्यालय और वाहन के सामने की ओर अधिकृत दर सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य किया जाए।
गारंटी पत्र आवश्यक : निजी सेवाएं देने वाले संचालकों से लिखित रूप में यह आश्वासन लिया जाए कि अवैध या अतिरिक्त किराया नहीं वसूला जाएगा।
ग्राहक पंचायत का कहना है कि यदि ये उपाय लागू किए गए तो यात्रियों की लूट रोकी जा सकेगी और यात्रा अधिक पारदर्शी व सुरक्षित बनेगी। पंचायत ने सरकार से इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की जोरदार मांग की है।



