महाराष्ट्र में स्मार्ट खेती के विकास को मिलेगा ‘बूस्टर’

– रूरल एन्हान्सर्स के माध्यम से न्यूट्रीफ्रेश फार्म्स को 90 करोड़ का विदेशी निवेश प्राप्त
– अमेरिका के डेव्हलपमेंट फायनान्स कॉर्पोरेशन द्वारा होगा 400 करोड़ का निवेश
– दावोस में हुए एमओयू के बाद महाराष्ट्र को मिला निवेश का पहला इन्सटॉलमेंट
पुणे, 20 अप्रैल 2026: महाराष्ट्र में कृषि क्षेत्र को तकनीकी और आर्थिक मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अमेरिका की इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (DFC) ने पुणे स्थित न्यूट्रीफ्रेश फार्म्स में 90 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह निवेश दावोस में हुए 2500 करोड़ रुपये के सामंजस्य करार (MoU) का हिस्सा है, जिसमें से अमेरिका से 400 करोड़ रुपये की विदेशी पूंजी प्रस्तावित थी। यह उसी का पहला हप्ता है।
इस परियोजना के तहत पुणे जिले के भोर और पुरंदर सहित नागपुर में नियंत्रित वातावरण आधारित (CEA) क्लस्टर खेती प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। रूरल एन्हान्सर्स के संस्थापक और सीईओ अंबर आयदे ने बताया कि इस निवेश से महाराष्ट्र में आधुनिक कृषि ढांचे को गति मिलेगी और राज्य को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच महाराष्ट्र के कृषि और खाद्य सुरक्षा क्षेत्र में विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। यह दावोस करार के बाद राज्य में आया पहला प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) है। इस फंड का उपयोग अत्याधुनिक कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक आधारित खेती और निर्यात केंद्रित सप्लाई चेन को मजबूत करने में किया जाएगा। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, पानी का बेहतर उपयोग होगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
न्यूट्रीफ्रेश फार्म्स के सह-संस्थापक गणेश निकम ने कहा कि इस निवेश से नियंत्रित वातावरणीय खेती के विकास को गति मिलेगी, जिससे प्रिसिजन फार्मिंग को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, सह-संस्थापक संकेत मेहता ने कहा कि रूरल एन्हान्सर्स के साथ साझेदारी के जरिए यह प्रोजेक्ट जमीन पर प्रभावी परिणाम देगा और आने वाले महीनों में इसके ठोस लाभ दिखाई देंगे। यह प्रोजेक्ट जुलाई 2026 में शुरू होने की संभावना है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ टिकाऊ कृषि पद्धतियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस निवेश के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस रूरल एन्हान्सर्स एवं न्यूट्रीफ्रेश फार्म्स का अभिनंदन करते हुए कहा, “डीएफसी का यह निवेश दावोस में किए गए हमारे वादों को जमीन पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह की साझेदारियों के माध्यम से हम प्रिसिजन एग्रीकल्चर को बढ़ावा दे रहे हैं, किसानों की आय बढ़ा रहे हैं और वैश्विक खाद्य प्रणाली में महाराष्ट्र की भूमिका मजबूत कर रहे हैं।”
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इस निवेश की विशेषताएँ
– DFC द्वारा न्यूट्रीफ्रेश फार्म्स में कुल 500 करोड़ रुपये निवेश प्रस्तावित
– 90 करोड़ रुपये का पहला हप्ता प्राप्त
– दावोस समझौते के बाद पहली विदेशी फंडिंग
– नियंत्रित वातावरण आधारित क्लस्टर खेती पर जोर
– निर्यात केंद्रित कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा
– जुलाई 2026 से प्रोजेक्ट शुरू होने की संभावना



