ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में बजाज पुणे ग्रैंड टूर–2026’ के दूसरे चरण का भव्य स्वागत
मंत्री चंद्रकांत दादा पाटील और राज्यमंत्री माधुरी मिसाळ की गरिमामयी उपस्थिति

पुणे: पुणे जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने वाली अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग प्रतियोगिता ‘बजाज पुणे ग्रैंड टूर–2026’ के दूसरे चरण का बुधवार को बड़े उत्साह और भव्यता के साथ पुणे के ग्रामीण इलाको में भव्य स्वागत किया । कैंप स्थित लेडीज़ क्लब परिसर से उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील तथा सामाजिक न्याय राज्यमंत्री माधुरी मिसाळ ने झंडी दिखाकर इस चरण की शुरुआत की गई ।इस अवसर पर पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार, जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी, पुलिस सह-आयुक्त रंजनकुमार और पुणे महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. सहित अनेक गणमान्य अधिकारी उपस्थित रहे। बजाज पुणे ग्रैंड टूर–2026’ के दूसरे चरण का पुणे शहर, पुरंदर, राजगढ़ और हवेली तालुका में भव्य स्वागत किया गया

मंत्री चंद्रकांत दादा पाटील ने कहा कि इस प्रतियोगिता का आयोजन कभी एक सपना प्रतीत होता था, लेकिन उत्कृष्ट योजना और समन्वय से यह भव्य आयोजन सफल हुआ है। उन्होंने कहा कि इस स्पर्धा के माध्यम से पुणे का नाम विश्वपटल पर अंकित हुआ है और साइकिलिंग के इतिहास में शहर की सशक्त पहचान बनी है। जिस तरह पुणे पुस्तक महोत्सव ने कई विश्व रिकॉर्ड स्थापित किए, उसी प्रकार इस साइक्लिंग स्पर्धा को भी व्यापक प्रतिसाद मिल रहा है। इससे पुणे की प्रतिष्ठा बढ़ेगी और जिले के विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दुनिया भर का ध्यान इस प्रतियोगिता की ओर आकर्षित हुआ है। विभिन्न देशों के खिलाड़ी और पर्यटक पुणे पहुंच रहे हैं, जिससे जिले के आर्थिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही उन्होंने नागरिकों के सहयोग के लिए आभार जताया।
राज्यमंत्री माधुरी मिसाळ ने कहा कि पुणे एक औद्योगिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक शहर भी है। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के माध्यम से पुणे की वैश्विक पहचान और अधिक मजबूत होगी। इससे पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और नई पीढ़ी के साइक्लिस्टों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचने की प्रेरणा मिलेगी।
ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में भी दिखा जबरदस्त उत्साह
दोपहर 1.30 बजे प्रारंभ हुआ यह दूसरा चरण कुल 109.15 किलोमीटर लंबा था। पुणे शहर, पुरंदर, राजगढ़ और हवेली—इन चार तालुकों के ऐतिहासिक, ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों से होकर गुजरने वाले इस चुनौतीपूर्ण मार्ग पर देश-विदेश के नामचीन साइकिलिस्टों ने अपनी ताकत, तकनीक और सहनशक्ति का प्रदर्शन किया।
छत्रपति संभाजी महाराज की जन्मभूमि पुरंदर किले की तलहटी से शुरू होकर वेल्हे और भोर क्षेत्र की उस पावन भूमि से गुजरते हुए—जहां छत्रपति शिवाजी महाराज के चरण पड़े—साइक्लिस्टों ने दमदार रफ्तार के साथ सिंहगढ़ रोड स्थित नांदेड सिटी परिसर में इस रोमांचक चरण का समापन किया। चढ़ाई-उतार, घाट मार्ग और लंबी दूरी के कारण यह चरण साइकिलिस्टों की शारीरिक क्षमता की कड़ी परीक्षा साबित हुआ।



